Sunday, 30 April 2017

Jai hind

 दोस्तों  आज  26 january  2017 की गणतंत्र दिवस हार्दिक शुभकामनाएं आज हम सब को गणतंत्र दिवस  मानते हुए पुरे 68 साल हो गए है । आज 21 वी सदी में सब कुछ बदल गया है । स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने स्वयं का संविधान लागु किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया। लगभग 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया। इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय लोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।
हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिन्होंने कहा था, ” हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को को हमने एक ही संविधान और संघ में पाया है जो देश में रहने वाले 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है।
यह बहुत ही शर्म की बात है की इतने वर्षों के आज़ादी के बाद भी आज हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा से लड़ रहे हैं। अब हमें दोबारा मिल कर अपने देश को इन बुरी चीजों से दूर करना होगा और एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को समझना होगा और इनका हल भी खोजना होगा।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि अगर देश को भ्रष्टाचार मुक्त और महान और अच्छे ज्ञान वाले लोगों का बनाना है तो मुझे लगता है कि सोसाइटी से जुडी तीन चीजें है जो बदलाव ला सकते हैं। वो हैं माता, पिता, और शिक्षक। भारत देश के नागरिक होने के कारण हमें सोचना चाहिए की हम अपने देश को किस हद तक सफल बना सकते हैं।
मै आशा करता हु की आप सब इस देश की सारी कुरीतियों को मिटाने में सहयोग करेगे
 अगर आप को हमारी पोस्ट पसंद आयी तो लाइक जरूर करे ओर कमेंट के द्वारा मुझे जरूर बताये । 
जय हिंदी !
जय भारत !













kahanikikitab.blogspot.in

 दोस्तों  आज  26 january  2017 की गणतंत्र दिवस हार्दिक शुभकामनाएं आज हम सब को गणतंत्र दिवस  मानते हुए पुरे 68 साल हो गए है । आज 21 वी सदी में सब कुछ बदल गया है । स्वतंत्रता के ढाई वर्ष के बाद भारत सरकार ने स्वयं का संविधान लागु किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र घोषित किया। लगभग 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को भारत की संविधान सभा में पास किया गया। इस घोषणा के बाद से इस दिन को प्रतिवर्ष भारतीय लोग गणतंत्र दिवस के रूप में मनाने लगे।
हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिन्होंने कहा था, ” हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को को हमने एक ही संविधान और संघ में पाया है जो देश में रहने वाले 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है।
यह बहुत ही शर्म की बात है की इतने वर्षों के आज़ादी के बाद भी आज हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा से लड़ रहे हैं। अब हमें दोबारा मिल कर अपने देश को इन बुरी चीजों से दूर करना होगा और एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा। हमें गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को समझना होगा और इनका हल भी खोजना होगा।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि अगर देश को भ्रष्टाचार मुक्त और महान और अच्छे ज्ञान वाले लोगों का बनाना है तो मुझे लगता है कि सोसाइटी से जुडी तीन चीजें है जो बदलाव ला सकते हैं। वो हैं माता, पिता, और शिक्षक। भारत देश के नागरिक होने के कारण हमें सोचना चाहिए की हम अपने देश को किस हद तक सफल बना सकते हैं।
मै आशा करता हु की आप सब इस देश की सारी कुरीतियों को मिटाने में सहयोग करेगे
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जय हिंदी !
जय भारत !













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Friday, 14 April 2017

Bda kon

Bhuk,Pyas,Neend,Aasa


भूख प्यास नींद और आशा चार बहने थी ,एक बार उनमे लड़ाई हो गयी ,लड़ती झगड़ती वे एक राजा के पास पहुँची एक ने कहा में बड़ी हु ,दूसरी ने कहा में बड़ी हु ,तीसरी ने कहा में बड़ी हु ,और चौथी ने कहा मे बड़ी हु ।
राजा ने भूख से पूछा क्यों बहन  तुम बड़ी कैसे हो ? भूख बोली में इसलिए बड़ी हु क्योंकि मेरे कारन ही घर में चुहलें जलते है पाचों पकवान बनते है । और वे जब मुझे थाल सजाकर देते है ,तब मै खाती हु । नही तो खाऊ ही नही ,जाओ राज्य भर में मुनादी करा दो की कोई अपने घर में चुहलें ना जलाये ,पाचों पकवान ना बनाये थाल न सजाये भूख लगेगी तो भूख कहा जाएगी। दिन बिता आधी रात बीती ,भूख को भूख लगी तो उसने यहाँ वहा खोजा ;लेकिन खाने को कही नही मिला ,लाचार होकर घर में पड़े बासी टुकड़े खाने लगी लगी । प्यास ने यह देखा तो राजा के पास दौड़ी दौड़ी पहुची ,बोली राजा! राजा!भूख हार गयी देखिये बासी टुकड़े खा रही है । ?बड़ी तो मै हु ,राजा ने पूछा तुम बड़ी कैसे हो  प्यास बोली क्योंकि मेरे कारन  लोग कुवे तालाब बनवाते है, बढ़िया बर्तनों में पानी भरकर रखते है । और जब वो मुझे गिलास देते है तब मै उसे पीती हु । नही तो नही पीउ राजा ने राज्य के कर्मचारियो को कह कर राज्य में मुनादी करवा दी कोई अपने घर में पानी भर कर न रखे पानी का गिलास किसी को भरकर ना दे तालाब कुवे पे पहरा लगा दो प्यास को प्यास लगेगी तो कहा जाएगी ?दिन बिता रात बीती प्यास को प्यास लगी तो उसने एक डिब्बे में पानी  पी लिया यह नींद ने देखा तो वह दौड़ी दौड़ी राजा के पास गयी और बोली राजा! राजा! प्यास हार गयी उसे प्यास लगी तो एक डिब्बे में से  पानी पी लिया । बड़ी तो  मै हु ,राजा ने पूछा तुम बड़ी कैसे हो ? नींद  बोली लोग मेरे लिए पलंग बिछाते है बिस्तर लगाते तब मै सोउ वर्ना नही सोउ राजा ने एक बार फिर मुनादी करवा दी कोई बिस्तर या पलंग नही लगाए गा देखे नींद कहा जाती है। जब नींद को नींद आयी तो वो भी उबड़ खाबड़ जगह  सो गयी ,तब  आशा  राजा के  पास गयी बोली राजा इन तीनो से बड़ी मे हु ,राजा ने पूछा तुम कैसे हो आशा बोली मेरे खातिर लोग  मेहनत मजदूरी  करते है । लेकिन आशा के दीप बुझ ने नही देते राजा ने फिर राज्य में मुनादी कर वादी सब के काम धंधे बन्द करवा दिए । दिन बीते रात बीती आशा को चारो तरफ अँधेरा दिखाई  दी सिर्फ एक कुम्हार अपना काम एक दिये की रोशनी में  कर रहा था । आशा वहा जाकर टिक गयी राजा ने देखा उसका सोने का दिया और कंचन का महल बन गया जैसे उसकी आशा पूरी हुई वैसे सब की हो ।  

Bhuk,Pyas,Neend,Aasa


भूख प्यास नींद और आशा चार बहने थी ,एक बार उनमे लड़ाई हो गयी ,लड़ती झगड़ती वे एक राजा के पास पहुँची एक ने कहा में बड़ी हु ,दूसरी ने कहा में बड़ी हु ,तीसरी ने कहा में बड़ी हु ,और चौथी ने कहा मे बड़ी हु ।
राजा ने भूख से पूछा क्यों बहन  तुम बड़ी कैसे हो ? भूख बोली में इसलिए बड़ी हु क्योंकि मेरे कारन ही घर में चुहलें जलते है पाचों पकवान बनते है । और वे जब मुझे थाल सजाकर देते है ,तब मै खाती हु । नही तो खाऊ ही नही ,जाओ राज्य भर में मुनादी करा दो की कोई अपने घर में चुहलें ना जलाये ,पाचों पकवान ना बनाये थाल न सजाये भूख लगेगी तो भूख कहा जाएगी। दिन बिता आधी रात बीती ,भूख को भूख लगी तो उसने यहाँ वहा खोजा ;लेकिन खाने को कही नही मिला ,लाचार होकर घर में पड़े बासी टुकड़े खाने लगी लगी । प्यास ने यह देखा तो राजा के पास दौड़ी दौड़ी पहुची ,बोली राजा! राजा!भूख हार गयी देखिये बासी टुकड़े खा रही है । ?बड़ी तो मै हु ,राजा ने पूछा तुम बड़ी कैसे हो  प्यास बोली क्योंकि मेरे कारन  लोग कुवे तालाब बनवाते है, बढ़िया बर्तनों में पानी भरकर रखते है । और जब वो मुझे गिलास देते है तब मै उसे पीती हु । नही तो नही पीउ राजा ने राज्य के कर्मचारियो को कह कर राज्य में मुनादी करवा दी कोई अपने घर में पानी भर कर न रखे पानी का गिलास किसी को भरकर ना दे तालाब कुवे पे पहरा लगा दो प्यास को प्यास लगेगी तो कहा जाएगी ?दिन बिता रात बीती प्यास को प्यास लगी तो उसने एक डिब्बे में पानी  पी लिया यह नींद ने देखा तो वह दौड़ी दौड़ी राजा के पास गयी और बोली राजा! राजा! प्यास हार गयी उसे प्यास लगी तो एक डिब्बे में से  पानी पी लिया । बड़ी तो  मै हु ,राजा ने पूछा तुम बड़ी कैसे हो ? नींद  बोली लोग मेरे लिए पलंग बिछाते है बिस्तर लगाते तब मै सोउ वर्ना नही सोउ राजा ने एक बार फिर मुनादी करवा दी कोई बिस्तर या पलंग नही लगाए गा देखे नींद कहा जाती है। जब नींद को नींद आयी तो वो भी उबड़ खाबड़ जगह  सो गयी ,तब  आशा  राजा के  पास गयी बोली राजा इन तीनो से बड़ी मे हु ,राजा ने पूछा तुम कैसे हो आशा बोली मेरे खातिर लोग  मेहनत मजदूरी  करते है । लेकिन आशा के दीप बुझ ने नही देते राजा ने फिर राज्य में मुनादी कर वादी सब के काम धंधे बन्द करवा दिए । दिन बीते रात बीती आशा को चारो तरफ अँधेरा दिखाई  दी सिर्फ एक कुम्हार अपना काम एक दिये की रोशनी में  कर रहा था । आशा वहा जाकर टिक गयी राजा ने देखा उसका सोने का दिया और कंचन का महल बन गया जैसे उसकी आशा पूरी हुई वैसे सब की हो ।  

Tuesday, 11 April 2017

Andhi cheel

अंधी चील 

khash m cheel hota
 बहुत समय पहले की बात है एक  भिखारी एक जगह भीख माँग रहा था । काफी समय भीख मागने के बाद किसी ने भी उसे भीख नही दी इस घटना को गाँव के एक सज्जन पुरुष देख रहे  थे ।  उस भिखारी पर सज्जन पुरुष को दया आगई उन्होंने उसे अपने पास बुलाया और  एक दुकान पर ले गए वहा जाकर वो दुकानदार से बोले इसे काम पे रख लो दुकानदार सज्जन पुरुष की बहुत इज्जत करता था

राजा शिबि की कहानी- Raja shibi ki kahani

 इसलिए उन्हें मना कर पाया  उसने उस भिखारी को अपने दुकान पर नोकर रख लिया । कुछ दिनों बाद जब सज्जन वहा से जुगर रहे थे । तो उन्होंने देखा की  वो भिखारी वापस  भीख माँगने लगा है । वो उस के पास गए और ऐसा करने का कारण पूछा !   तो उसने बताया की एक दिन जब वो सामान देने जा रहा था । तब उसने देखा की एक  अंधी चील खाने की तलाश में इधर उधर भटक रही थी उसने ये देखने के उस पर नजर रखीं की वो अपना पेट कैसे भरती है ।  तब उस के पास दूसरी चील आयी ओर उसके पास कुछ खाने के दाने रख के चली गयी तब उसने सोचा जब अंधी चील को बैठे बैठे खाना मिल सकता है।  तो मुझे क्यों नही मिल सकता इसलिए
मैने दुबारा भीख मागनी शुरू कर दी । सज्जन ने उससे कहा तुम ने अंधी चील बनने का सोचा लेकिन तुमने दूसरी चील को नही देखा की वो कैसे दुसरो की मदद  कर रही थी । इतना कह कर सज्जन वहा से चले गए ।

#Moral story
#Motivation Story
#Bedtime story
http://kahanikikitab.blogspot.in 

अंधी चील 

khash m cheel hota
 बहुत समय पहले की बात है एक  भिखारी एक जगह भीख माँग रहा था । काफी समय भीख मागने के बाद किसी ने भी उसे भीख नही दी इस घटना को गाँव के एक सज्जन पुरुष देख रहे  थे ।  उस भिखारी पर सज्जन पुरुष को दया आगई उन्होंने उसे अपने पास बुलाया और  एक दुकान पर ले गए वहा जाकर वो दुकानदार से बोले इसे काम पे रख लो दुकानदार सज्जन पुरुष की बहुत इज्जत करता था

राजा शिबि की कहानी- Raja shibi ki kahani

 इसलिए उन्हें मना कर पाया  उसने उस भिखारी को अपने दुकान पर नोकर रख लिया । कुछ दिनों बाद जब सज्जन वहा से जुगर रहे थे । तो उन्होंने देखा की  वो भिखारी वापस  भीख माँगने लगा है । वो उस के पास गए और ऐसा करने का कारण पूछा !   तो उसने बताया की एक दिन जब वो सामान देने जा रहा था । तब उसने देखा की एक  अंधी चील खाने की तलाश में इधर उधर भटक रही थी उसने ये देखने के उस पर नजर रखीं की वो अपना पेट कैसे भरती है ।  तब उस के पास दूसरी चील आयी ओर उसके पास कुछ खाने के दाने रख के चली गयी तब उसने सोचा जब अंधी चील को बैठे बैठे खाना मिल सकता है।  तो मुझे क्यों नही मिल सकता इसलिए
मैने दुबारा भीख मागनी शुरू कर दी । सज्जन ने उससे कहा तुम ने अंधी चील बनने का सोचा लेकिन तुमने दूसरी चील को नही देखा की वो कैसे दुसरो की मदद  कर रही थी । इतना कह कर सज्जन वहा से चले गए ।

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Savbhav ki kahani

                                             Nature of mouse

savbhav ki kahani

kahanikiktab.blogspot.in

दोस्तों हमारी आज की कहानी है स्वभाव तो चलिए में आज को एक ओर मजेदार कहानी सुनाता हु , एक बार एक चूहा था वो बहुत डरपोक था अपने डर के कारन कही आता जाता नही था । एक बार वो एक तांत्रिक के पास गया बोला महाराज मुझे बिल्ली से बहुत डर लगता है । आप मुझे बिल्ली बना दीजिये तांत्रिक को उस पे दया आ गई उसने उसे बिल्ली बना दिया । कुछ दिनों बाद चूहा वापस तांत्रिक के पास आया और बोला महाराज अब मुझे कुत्तो से बहुत डर लगता है आप मुझे कुत्ता बना दीजिये तांत्रिक ने उसे कुत्ता बना दिया । फिर कुछ समय बाद चूहा वापस आया और बोला महाराज मुझे अब जंगल में घूमना है आप मुझे शेर बना दीजिये । तांत्रिक ने उससे पिछा  छुड़ाने के लिए उसे शेर बना दिया । अब चूहा एक बार फिर तांत्रिक के पास आया और बोला महाराज मुझे शिकारी से बहुत डर लगता है तो तांत्रिक ने उसे फिर से चूहा बना दिया और बोला चाहे तुम्हें शेर बना दो लेकिन तुम अंदर से चूहे ही बने रहोगे क्योंकि दोस्तों व्यक्ति का स्वभाव हमेशा एक सा ही रहता हैkahanikikitab.blogspot.in चाहे उसे कुछ भी बना दिया वो हर कार्य अपने स्वभाव के अनुरूप ही करता है , अगर आप को हमारी कहानी पसंद आयी तो लाइक जरूर करे ओर कमेंट के द्वारा मुझे जरूर बताये ।
हिंदी कहानियां 
Moralstory
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Online Story
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                                             Nature of mouse

savbhav ki kahani

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दोस्तों हमारी आज की कहानी है स्वभाव तो चलिए में आज को एक ओर मजेदार कहानी सुनाता हु , एक बार एक चूहा था वो बहुत डरपोक था अपने डर के कारन कही आता जाता नही था । एक बार वो एक तांत्रिक के पास गया बोला महाराज मुझे बिल्ली से बहुत डर लगता है । आप मुझे बिल्ली बना दीजिये तांत्रिक को उस पे दया आ गई उसने उसे बिल्ली बना दिया । कुछ दिनों बाद चूहा वापस तांत्रिक के पास आया और बोला महाराज अब मुझे कुत्तो से बहुत डर लगता है आप मुझे कुत्ता बना दीजिये तांत्रिक ने उसे कुत्ता बना दिया । फिर कुछ समय बाद चूहा वापस आया और बोला महाराज मुझे अब जंगल में घूमना है आप मुझे शेर बना दीजिये । तांत्रिक ने उससे पिछा  छुड़ाने के लिए उसे शेर बना दिया । अब चूहा एक बार फिर तांत्रिक के पास आया और बोला महाराज मुझे शिकारी से बहुत डर लगता है तो तांत्रिक ने उसे फिर से चूहा बना दिया और बोला चाहे तुम्हें शेर बना दो लेकिन तुम अंदर से चूहे ही बने रहोगे क्योंकि दोस्तों व्यक्ति का स्वभाव हमेशा एक सा ही रहता हैkahanikikitab.blogspot.in चाहे उसे कुछ भी बना दिया वो हर कार्य अपने स्वभाव के अनुरूप ही करता है , अगर आप को हमारी कहानी पसंद आयी तो लाइक जरूर करे ओर कमेंट के द्वारा मुझे जरूर बताये ।
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Monday, 10 April 2017

pahalwan ka bhoot

पहलवान जी भूत 
दोस्तों भूत प्रेत संबंदित घटनाओ में ज्यादार घटनाये रोंगटे खड़ी कर देती है । कुछ कहानिया तो इतनी मार्मिक  होती है के दिल भर आता  है लेकिन मै आज आप को एक कहानी सुनाता हु । जो बहुत ही  मजेदार है । मेरे मामा जी जिस  गाँव में रहते थे वो अमेठी से करीब 45 किलोमीटर  दूर पड़ता है । उनका घर गाँव में सबसे किनारे पर था । और उनके घर से करीब 100 मीटर दूर रेलवे स्टेशन था । और रेलवे लाइन के पार एक बहुत ही बड़ा बरगद का पेड़ था और चबूतरा बना था । उन्हें लोग पहलवान बाबा के नाम से जानते थे । सबकी उनपर बहुत श्रद्धा थी । जिसका परिणाम भी उन्हें अच्छे के रूप में मिलता । वहा वास करने वाले कोई देवता नही थे  ।
वो वही थे जिन्हें लोग भूत या छलवा के नाम से जानते थे । जो उनकी पूजा करता एक लगोट और दारू की बोतल उस पेड़ पर चढ़ा देता । भूत प्रेत बाधा से ग्रसित व्यक्ति वहा जाकर ठीक हो जाता । लाल जी पंडित उन्हें बहुत मानते थे । लोग उन्हें पहलवान पंडित कहते  थे ।  हालांकि पंडित नाम उनको दूर दूर तक नही छुता पहलवान होने के कारन मांस मदिरा का सेवन वे करते रहते । उनके परिवार में एक बूढी माँ एक पत्नी और एक 10 साल का बेटा था ।

 एक बार उनकी पत्नी जब मायके गयी हुई थी जब वे मायके से वापस आ रही थी।  तो जिस बस से वे आ रही थी वो दुर्घटना ग्रस्त हो गयी । उनके लड़के ने वही दम तोड़ दिया और ३-४ दिन बाद उनकी पत्नी का भी देहांत हो गया । पहलवान जी अपने होस  हवास से खो बैठे थे ।  वे दिन रात नशे में रहने लगे । कभी काभी उनके मित्र और सम्बंदि उन्हें खाना खिला देते । धीरे धीरे पहलवान जैसा शरीर एक सामान्य आदमी में परिवर्तित हो गया । करीब एक महीने बाद एक खेत जाते व्यक्ति ने सुचना दी की पहलवान जी ने आत्महत्या कर ली है है । गाँव  के कुछ  आदमियो ने मिलकर उनका दाह संस्कार कर दिया । फिर एक दिन गाव के एक आदमी में प्रेत बाधा आ गयी । उसके घर वाले उससे बहुत परेशान थे वह पहलवानी कर हर किसी को अपने से दूर कर रहा था । किसी तरह गाव के कई सारे आदमी उससे पकड कर पहलवान बाबा के अर्थान पर  ले गए । धीरे धीरे उस पर जैसे दवाब सा बनने लगा । और वहां मौजूद लोगो ने पूछा कोन है ये ? ये पटरी के पास रहता है और  वहा गंदगी कर रहा  था इसलिए मैने इसे  पकड़ा है । छोड़ दो इसे गाव का एक आदमी बोला 
दारू देदो छोड़ दुगा ।  उसने गाव के एक आदमी का  नाम बताया उस आदमी को बुलाया गया उसने दारू चढाई तब जाकर पहलवान जी ने उनका  पीछा  छोड़ा।

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पहलवान जी भूत 
दोस्तों भूत प्रेत संबंदित घटनाओ में ज्यादार घटनाये रोंगटे खड़ी कर देती है । कुछ कहानिया तो इतनी मार्मिक  होती है के दिल भर आता  है लेकिन मै आज आप को एक कहानी सुनाता हु । जो बहुत ही  मजेदार है । मेरे मामा जी जिस  गाँव में रहते थे वो अमेठी से करीब 45 किलोमीटर  दूर पड़ता है । उनका घर गाँव में सबसे किनारे पर था । और उनके घर से करीब 100 मीटर दूर रेलवे स्टेशन था । और रेलवे लाइन के पार एक बहुत ही बड़ा बरगद का पेड़ था और चबूतरा बना था । उन्हें लोग पहलवान बाबा के नाम से जानते थे । सबकी उनपर बहुत श्रद्धा थी । जिसका परिणाम भी उन्हें अच्छे के रूप में मिलता । वहा वास करने वाले कोई देवता नही थे  ।
वो वही थे जिन्हें लोग भूत या छलवा के नाम से जानते थे । जो उनकी पूजा करता एक लगोट और दारू की बोतल उस पेड़ पर चढ़ा देता । भूत प्रेत बाधा से ग्रसित व्यक्ति वहा जाकर ठीक हो जाता । लाल जी पंडित उन्हें बहुत मानते थे । लोग उन्हें पहलवान पंडित कहते  थे ।  हालांकि पंडित नाम उनको दूर दूर तक नही छुता पहलवान होने के कारन मांस मदिरा का सेवन वे करते रहते । उनके परिवार में एक बूढी माँ एक पत्नी और एक 10 साल का बेटा था ।

 एक बार उनकी पत्नी जब मायके गयी हुई थी जब वे मायके से वापस आ रही थी।  तो जिस बस से वे आ रही थी वो दुर्घटना ग्रस्त हो गयी । उनके लड़के ने वही दम तोड़ दिया और ३-४ दिन बाद उनकी पत्नी का भी देहांत हो गया । पहलवान जी अपने होस  हवास से खो बैठे थे ।  वे दिन रात नशे में रहने लगे । कभी काभी उनके मित्र और सम्बंदि उन्हें खाना खिला देते । धीरे धीरे पहलवान जैसा शरीर एक सामान्य आदमी में परिवर्तित हो गया । करीब एक महीने बाद एक खेत जाते व्यक्ति ने सुचना दी की पहलवान जी ने आत्महत्या कर ली है है । गाँव  के कुछ  आदमियो ने मिलकर उनका दाह संस्कार कर दिया । फिर एक दिन गाव के एक आदमी में प्रेत बाधा आ गयी । उसके घर वाले उससे बहुत परेशान थे वह पहलवानी कर हर किसी को अपने से दूर कर रहा था । किसी तरह गाव के कई सारे आदमी उससे पकड कर पहलवान बाबा के अर्थान पर  ले गए । धीरे धीरे उस पर जैसे दवाब सा बनने लगा । और वहां मौजूद लोगो ने पूछा कोन है ये ? ये पटरी के पास रहता है और  वहा गंदगी कर रहा  था इसलिए मैने इसे  पकड़ा है । छोड़ दो इसे गाव का एक आदमी बोला 
दारू देदो छोड़ दुगा ।  उसने गाव के एक आदमी का  नाम बताया उस आदमी को बुलाया गया उसने दारू चढाई तब जाकर पहलवान जी ने उनका  पीछा  छोड़ा।

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Sunday, 9 April 2017

Internet se paise kamane ka sabse aasan tarika

                                Internet se paise kese kamaye

kahanikikitab.blogspot.in

दोस्तों अगर आप सच मुच इन्टरनेट से पैसे कामना चाहते हो तो इस पोस्ट को पुरे ध्यान  से पढ़े, आज कल खास कर 20 से 25  साल के बच्चे बीए ,बी.कॉम ,बीएसी करने के बाद बिलकुल फ्री हो जाते है या छोटे मोटे काम में लग जाते है सारे दिन फेसबुक या व्हाटप्प से टाइम पास करते रहते है मै उन सभी को बताना चाहता  हु  की वे  अपनी वेबसाइट बनाकर पैसा कमा सकते है ।  लगभग सभी के पास एंड्रॉएड फ़ोन है और सभी मेरे युवा साथी सारे दिन इन्टरनेट का यूज़ करते रहते है उनके पास काफी बार इन्टरनेट से पैसे कमाने का ऑफर आता है लेकिन उसने किसी ने किसी तरीके से लोग अपनी वेबसाइट का प्रमोशन करते रहते है और सही तरीका नही बताते है । मै आज आप को ऐसे दो  तरीके बता रहा हु जिनको फॉलो कर आप इन्टरनेट से लाखो रुपए कमा  सकते है सबसे पहले आप को उसके लिए जरूरत होगी एक कंप्यूटर और इन्टरनेट की ।
2000 

1 दोस्तों गूगल एक फ्री वेबसाइट बनाने का ऑफर देता है जिसे ब्लॉग के नाम से जाना जाता है । अगर आप को किसी चीज के बारे में बहुत सारा नॉलेज है तो आप अपना नॉलेज लोगो को बता के अपनी वेबसाइट से बहुत सारा पैसा कमा सकते है इसके लिए किसी खास टॉपिक के बारे में जानकारी होनी चाइये जैसे मान लीजिये आप को खाने में बहुत साड़ी डिस बनानी आती है तो आप लोगो को इस के बारे में जानकारी देकर खुद पैसे कमा सकते है । अब आप सोच रहे होंगे की मै लोगो को अपनी जानकारी कैसे दू या लोगो तक अपनी जानकारी कैसे पहुचाउ  तो इस के लिए आप को जरूरत है एक वेबसाइट बनाने की जो मै आज आप को सिखाऊँगा उस के लिए आप को जरूरत पड़ेगी एक ईमेल आईडी की तो चलिए दोस्तों पहले हम ईमेल आईडी  बनाना सीखते है ।

वेबसाइट बनाने के लिए यह क्लिक करे  :https://goo.gl/8e0293

blogging kar k aap lakho rupee kma sakte h aap phle website(blog) banana sikhiye fir m aap ko blogging k baare m bhi kuch tips duga.

2 ईमेल आईडी  कैसे बनाये 

( 1)ईमेल आईडी- ईमेल आईडी बनाने के लिए आप को सबसे पहले गूगल में जाकर जीमेल टाइप करना होगा
फिर आप को क्रिएट ए न्यू अकाउंट पर जाना होगा ।
 (2)उस के बाद आप को फर्स्ट नाम और लास्ट नाम पर अपना नाम भरना होगा |
(3) choose your user name में आप जिस नाम से अपना जीमेल अकाउंट बनाना चाहते हो वो लिखे ।
(4 )अपना पासवर्ड लिखे और कंफर्म पासवर्ड में दुबारा वही पासवर्ड टाइप करे ।
(5 )अब अपनी बर्थडे डेट लिखे
(6 )अपना  जेंडर सेट करे ।
(7 )अपना  मोबाइल नंबर सेट करे  ।
(8)अब इसमें अपने दोस्त या जिसकी पहले ईमेल आईडी बनी हुई है उसका ईमेल अकाउंट दे ।
(9)अपना लोकेशन चुने इंडिया । नेक्स्ट स्टेप पर क्लिक कर दे ।
(10) अब आप का नंबर वेरीफाई होगा आप एक पास एक मैसेज आएगा उसमे दिए हुए नंबर आप को दिए हुए कॉलोम में टाइप करना होना ।
(11) अब आप को एक्सेप्ट पर क्लिक करना होगा । इसके बाद आप का जीमेल अकाउंट बन के तैयार हो चूका होगा ।
तो इस तरहा आप अपना ब्लॉग या वेबसाइट बना सकते है और लाखो रुपए कमा सकते है ।

 तो दोस्तों आप का जीमेल अकाउंट बन चूका है अब आप अपनी वेबसाइट बना सकते है ।
अगर आप को मेरा आर्टिकल पसंद आया तो लाइक जरूर करे थैंक्यू ।
अगर आप का कोई क्वेश्चन है तो मुझे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है ।




                                Internet se paise kese kamaye

kahanikikitab.blogspot.in

दोस्तों अगर आप सच मुच इन्टरनेट से पैसे कामना चाहते हो तो इस पोस्ट को पुरे ध्यान  से पढ़े, आज कल खास कर 20 से 25  साल के बच्चे बीए ,बी.कॉम ,बीएसी करने के बाद बिलकुल फ्री हो जाते है या छोटे मोटे काम में लग जाते है सारे दिन फेसबुक या व्हाटप्प से टाइम पास करते रहते है मै उन सभी को बताना चाहता  हु  की वे  अपनी वेबसाइट बनाकर पैसा कमा सकते है ।  लगभग सभी के पास एंड्रॉएड फ़ोन है और सभी मेरे युवा साथी सारे दिन इन्टरनेट का यूज़ करते रहते है उनके पास काफी बार इन्टरनेट से पैसे कमाने का ऑफर आता है लेकिन उसने किसी ने किसी तरीके से लोग अपनी वेबसाइट का प्रमोशन करते रहते है और सही तरीका नही बताते है । मै आज आप को ऐसे दो  तरीके बता रहा हु जिनको फॉलो कर आप इन्टरनेट से लाखो रुपए कमा  सकते है सबसे पहले आप को उसके लिए जरूरत होगी एक कंप्यूटर और इन्टरनेट की ।
2000 

1 दोस्तों गूगल एक फ्री वेबसाइट बनाने का ऑफर देता है जिसे ब्लॉग के नाम से जाना जाता है । अगर आप को किसी चीज के बारे में बहुत सारा नॉलेज है तो आप अपना नॉलेज लोगो को बता के अपनी वेबसाइट से बहुत सारा पैसा कमा सकते है इसके लिए किसी खास टॉपिक के बारे में जानकारी होनी चाइये जैसे मान लीजिये आप को खाने में बहुत साड़ी डिस बनानी आती है तो आप लोगो को इस के बारे में जानकारी देकर खुद पैसे कमा सकते है । अब आप सोच रहे होंगे की मै लोगो को अपनी जानकारी कैसे दू या लोगो तक अपनी जानकारी कैसे पहुचाउ  तो इस के लिए आप को जरूरत है एक वेबसाइट बनाने की जो मै आज आप को सिखाऊँगा उस के लिए आप को जरूरत पड़ेगी एक ईमेल आईडी की तो चलिए दोस्तों पहले हम ईमेल आईडी  बनाना सीखते है ।

वेबसाइट बनाने के लिए यह क्लिक करे  :https://goo.gl/8e0293

blogging kar k aap lakho rupee kma sakte h aap phle website(blog) banana sikhiye fir m aap ko blogging k baare m bhi kuch tips duga.

2 ईमेल आईडी  कैसे बनाये 

( 1)ईमेल आईडी- ईमेल आईडी बनाने के लिए आप को सबसे पहले गूगल में जाकर जीमेल टाइप करना होगा
फिर आप को क्रिएट ए न्यू अकाउंट पर जाना होगा ।
 (2)उस के बाद आप को फर्स्ट नाम और लास्ट नाम पर अपना नाम भरना होगा |
(3) choose your user name में आप जिस नाम से अपना जीमेल अकाउंट बनाना चाहते हो वो लिखे ।
(4 )अपना पासवर्ड लिखे और कंफर्म पासवर्ड में दुबारा वही पासवर्ड टाइप करे ।
(5 )अब अपनी बर्थडे डेट लिखे
(6 )अपना  जेंडर सेट करे ।
(7 )अपना  मोबाइल नंबर सेट करे  ।
(8)अब इसमें अपने दोस्त या जिसकी पहले ईमेल आईडी बनी हुई है उसका ईमेल अकाउंट दे ।
(9)अपना लोकेशन चुने इंडिया । नेक्स्ट स्टेप पर क्लिक कर दे ।
(10) अब आप का नंबर वेरीफाई होगा आप एक पास एक मैसेज आएगा उसमे दिए हुए नंबर आप को दिए हुए कॉलोम में टाइप करना होना ।
(11) अब आप को एक्सेप्ट पर क्लिक करना होगा । इसके बाद आप का जीमेल अकाउंट बन के तैयार हो चूका होगा ।
तो इस तरहा आप अपना ब्लॉग या वेबसाइट बना सकते है और लाखो रुपए कमा सकते है ।

 तो दोस्तों आप का जीमेल अकाउंट बन चूका है अब आप अपनी वेबसाइट बना सकते है ।
अगर आप को मेरा आर्टिकल पसंद आया तो लाइक जरूर करे थैंक्यू ।
अगर आप का कोई क्वेश्चन है तो मुझे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है ।




bhuto ke chakkar me

भूतो के चक्कर में 
भूत 
डॉ एकेबी शर्मा ने एकबार बक्सर से आरा आने के दौरान भूतो से साक्षातकार से सम्बन्धित एक कहानी सुनाई थी । उन दिनों वे छपरा सदर अस्पताल में पदइस्तापित  थे । एक रोज की बात है अस्पताल से रात  करीब 12 बजे लोटे थे । तेज बारिश हो रही थी । उन्होंने अपने कपडे भी नही बदले थे । की दरवाजे पर जोरो से दस्तक होने लगी मैने दरवाजा खोला तो देखा एक लड़की  खड़ी है । उसने बताया की उसके पिताजी की तबियत बहुत ख़राब है । मै चलकर देखलू मैने उसे बताया की मे रात को मरीज नही देखता इस पर वह बहुत गिड़गिड़ाने लगी । मेरी पत्नी को दया आ गयी उसने कहा की इतना कह रही है तो जाकर देख लीजिये । मै अनमना सा बहार निकला और अपनी कार निकाली और उसे बैठने का इशारा किया । सुनसान सड़को से होते हुए हम शहर से 5-7 किलोमीटर दूर निकले एक कस्बे में पहुचे । वहा आबादी से कुछ पहले ही एक मकान के बहार रुके । लड़की ने मेरा बैग उठाया मुझे लेकर अंदर गयी वहा एक बुजुर्ग अपने बिस्तर पर लेता हुआ था । जब मैने उसे चेक किया तो मुझे लगा उसमे जीवन के कोई लक्षण ही नही है। मैने उसे एक इंजेक्शन दिया और सुबह के लिए कुछ दवाईया उसके पास खड़ी एक औरत को  देदी ।लड़की मुझे कार तक छोड़ कर वापस चली गयी । सुबह जब मै अस्पताल के लिए निकल रहा था तो मैने सोचा उनको देखता चलु मै वहा पंहुचा  मे  वहा मैने देखा कोई घर नही था । मैने गाव वालो से पूछा तो उन्होंने मुझे बताया यह कई सालो से कोई नही रहता एक बुजुर्ग ने बताया इस घर में प्रेत आत्मओं का साया है । मे वहा गया मुझे मेरी गाडी के टायर के निसान मिले मेरा लगाया हुआ इंजेक्शन मिला मैने  अपनी पत्नी को सारी बात बतायी  कुछ दिनों बाद मेरा तबादला हो गया। जब भी म इस घटना को याद करता हु सिहर उठता हु ।

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